Rajasthan Barmer : पुलिस को मिली 14 प्रकार के उपकरणों से लैस मोबाइल फोरेंसिक लैब वैन, मौके पर ही करेगी सबूतों की जांच,

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Rajasthan Barmer Police received a mobile forensic lab van equipped with 14 types of equipment, which will examine the evidence on the spot.

Rajasthan Barmer : अगर कहीं पर भी मर्डर या दूसरी बड़ी क्राइम की घटना हो जाती है तो पुलिस मौके पर पहुंच कर सबूतों को जुटाती है और इन्हें जांच के लिए लैब में भेजती है। लैब रिपोर्ट आती है और इसके बाद केस की जांच शुरू होती है। अब इस प्रक्रिया में ज्यादा देरी नहीं होगी, क्योंकि राजस्थान में बाड़मेर पुलिस (Rajasthan Barmer Police) को अब 14 तरह के उपकरणों से लैस मोबाइल फोरेंसिक लैब वैन (mobile forensic lab van) मिल गई है। यह मौके पर ही जुटाए गए सबूतों की जांच करेगी। इससे पुलिस के लिए सुविधा होगी तो केस में देरी नहीं होगी और आरोपियों को जल्द से जल्द पकड़ा जा सकेगा।

पुलिस विभाग और FSL विभाग ने मिलकर बाड़मेर पुलिस को एक मोबाइल फोरेंसिक यूनिट वैन दी है। बाड़मेर एसपी नरेंद्र सिंह मीना का कहना है कि पहले क्राइम के कई दिनों बाद जांच रिपोर्ट मिलती थी, लेकिन अब मोबाइल फोरेंसिक यूनिट वैन (mobile forensic lab van) से मौके पर ही जांच कर तुरंत रिपोर्ट मिल सकेगी, जिससे क्राइम केस की जांच में तेजी आएगी। एसपी ने कहा कि इस वैन के लिए एक एफएसएल आफिसर (FSL Officer) को नियुक्त किया गया है ताकि जांच प्रक्रिया बिना देरी के पूरी की जा सके।

Rajasthan Barmer Police : FSL रिपोर्ट आने में ही लग जाते थे कई दिन

बता दें कि अब तक ये होता था कि मर्डर, लूट, डकैती, रॉबरी, बड़ा एक्सीडेंट होने की स्थिति में पुलिस घटना स्थल पर पहुंचती थी। इसके बाद FSL या फोरेंसिक टीम को बुलाया जाता और सबूतों को जुटाकर उन्हें जांच के लिए लैब में भेज दिया जाता। एक सप्ताह तक रिपोर्ट आने में लग जाता था। रिपोर्ट में देरी के चलते केस की जांच आगे नहीं बढ़ पाती थी। इस दौरान आरोपियों को बच निकलने का टाइम मिल जाता था। बाड़मेर पुलिस (Rajasthan Barmer) को मिली नई मोबाइल फोरेसिंग यूनिट वैन (mobile forensic lab van) से मौके पर ही उसी दिन रिपोर्ट मिल जाएगी।

Rajasthan Barmer Police : पुलिस मोबाइल फोरेंसिक यूनिट वैन में ये है सुविधा

  • -वैन में 14 तरह के आधुनिक किट और कैमरे लगे हैं।
  • -लैंगिक क्राइम, DNA, ब्लड रिलेटेड जांच किट की सुविधा।
  • -पैरों व टायरों के निशान से संबंधित साक्ष्य जुटाने की व्यवस्था
  • -हाई-क्वालिटी कैमरे। घटनास्थल की पूरी प्रक्रिया की रिकॉर्डिंग में आसानी।

मोबाइल फोरेंसिक यूनिट (mobile forensic lab van) के प्रभारी अधिकारी के रूप में वैज्ञानिक सहायक जगदीश विश्नोई को नियुक्त किया गया है। उनके निर्देशन में यह यूनिट जिले की प्रमुख आपराधिक घटनाओं की जांच में तकनीकी सहयोग और फोरेंसिक समर्थन देगी। इससे बाड़मेर पुलिस की जांच प्रणाली में क्रांतिकारी सुधार आएगा।

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